
अमित शाह ने कहा कि वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम एक क्रांतिकारी परियोजना है जिसका उद्देश्य सीमावर्ती गांवों का विकास करना है ताकि वहां रहने वाले लोगों को उनका गौरव और मनचाही सुविधाएं मिल सकें। मोदी जी के 6839 करोड़ रुपये की लागत से ऐसे अतिरिक्त 1954 गांवों के विकास के विजन को पूरा करने के लिए असम के नाथनपुर में वीवीपी-II का शुभारंभ किया गया।
नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को असम के नाथनपुर गांव में 6,839 करोड़ रुपए की लागत वाले वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम–2 (वीवीपी–2) की शुरुआत की। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि आज शुरू हो रहे वाइब्रेंट विलेजेज-2 कार्यक्रम के माध्यम से पूरी बराक घाटी और असम के सीमांत जिलों के सभी गांवों में भारत के अन्य गांवों जितनी सुविधाएं देने का प्रयास और शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की है। उन्होंने कहा कि एक दौर था जब सीमांत गांव को देश का आखिरी गांव कहा जाता था क्योंकि वह विकास, रोजगार, बिजली कनेक्टिविटी और शिक्षा की दृष्टि से पिछड़ा हुआ था।
बॉर्डर पर मौजूद हर गांव आखिरी नहीं बल्कि भारत का पहला गांव
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने वाइब्रेंट विलेजेज-1 कार्यक्रम में तय किया कि सीमा पर स्थित हर गांव आखिरी नहीं बल्कि भारत का प्रथम गांव है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि आज से असम का यह गांव भी देश का प्रथम गांव बनने जा रहा है। यह गांव न सिर्फ विकास की दौड़ में बल्कि रोजगार, शिक्षा, सड़क और दूरसंचार के क्षेत्र में भी देश के प्रथम गांव होंगे।
शाह ने कहा कि वाइब्रेंट विलेजज-2 में लगभग 6,900 करोड़ रुपए के खर्च से 17 राज्यों के 334 ब्लॉक्स के 1,954 गांव शामिल हैं। इनमें 9 जिले, 26 ब्लॉक और 140 गांव असम के हैं। असम के 140 गांवों में भारत के हर गांव जैसी पूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इस कार्यक्रम में अरुणाचल प्रदेश, बिहार, गुजरात, जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, पंजाब, राजस्थान, सिक्किम, त्रिपुरा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के गांव भी शामिल हैं।
शाह ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय सीमा से सटे 334 ब्लॉक्स में लगभग 2000 गांवों के विकास का लगभग 7,000 करोड़ रुपए का कार्यक्रम आज से शुरू हो रहा है। उन्होंने कहा कि इसमें सुरक्षा, स्कीम सैचुरेशन और कनेक्टिविटी से जुड़ी कई योजनाएं शामिल हैं।




